SURGUJA TIMES अंबिकापुर ।छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के बैनर तले स्वास्थ कर्मचारी चार जुलाई मंगलवार से अनिश्चितकालीन आंदोलन पर चले जाएंगे। स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप हो जाएंगी। आंदोलन को लेकर संघ के पदाधिकारी लगातार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंचकर कर्मचारियों के साथ बैठक कर रहे हैं। आंदोलन को लेकर स्वास्थ्य कर्मचारी लामबंद हैं।पूरी एकजुटता के साथ आंदोलन को सफल बनाने के लिए रणनीति तैयार की गई है।स्वास्थ्य कर्मचारियों ने वेतन विसंगति, पुलिस विभाग के समान वर्ष में 13 माह का वेतन, अनियमित कर्मचारियों को नियमित या समान कार्य समान वेतन सहित 24 सूत्रीय मांग रखी है। इन्हीं मांगों को लेकर चार जुलाई से अनिश्चितकालीन आंदोलन की तैयारी पूर्ण हो चुकी है।

संभाग के सभी जिलों में आंदोलन को सफल बनाने का निर्णय स्वास्थ्य कर्मचारियों ने लिया है। संघ पदाधिकारियों द्वारा मेडिकल कालेज अस्पताल, जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व वैलनेस सेंटर के जिम्मेदार अधिकारियों को छुट्टी का आवेदन देकर आंदोलन की सूचना दे दिया गया है।कर्मचारी भी सामूहिक अवकाश लेकर आंदोलन को सफल बनाने तैयार बैठे हैं। छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ सरगुजा के जिलाध्यक्ष धनेश प्रताप सिंह ने बताया कि संघ द्वारा पत्राचार व धरना प्रदर्शन के माध्यम से शासन को अपनी मांगों के बारे में अवगत कराया गया किंतु सरकार द्वारा स्वास्थ्य कर्मचारियों के मांगों के प्रति सौतेला व्यवहार किया गया। यही कारण है कि स्वास्थ्य कर्मचारियों को बाध्य होकर अनिश्चितकालीन आंदोलन में जाना पड़ रहा है। संघ पदाधिकारियों ने दावा किया है कि आंदोलन से प्राथमिक स्तर से लेकर मेडिकल कालेज अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा जाएगी, इससे जनहानि होने की भी संभावना है । इस आंदोलन से आम नागरिकों को होने वाली असुविधा के लिए स्वास्थ्य कर्मचारियों ने खेद जताते हुए कहा है कि वे अपनी मांगों को लेकर शासन प्रशासन को अवगत करा चुके हैं लेकिन उनकी मांगों को पूरा करने किसी प्रकार की कोई पहल नहीं की जा रही है वह भी एक कर्मचारी हैं उनकी जायज मांगों को पूरा करना सरकार का नैतिक कर्तव्य है। सरकार ने उनकी मांगों की अनसुनी की है इसलिए वे मजबूर होकर आंदोलन करने जा रहे है।
सब्र का बांध टूट चुका है कर्मचारियों का –
छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के संभागीय सचिव दुर्गेश त्रिपाठी ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मचारियों की मांगों को लेकर पहल नहीं की जा रही है।पूर्व व वर्तमान सरकार सिर्फ आश्वासन दे रही है। स्वास्थ्य कर्मी दिन-रात जान जोखिम में डालकर मानव सेवा कर रहे हैं।कोरोना काल में शासन की हठधर्मिता देखने को मिली। जबरन स्वास्थ्य कर्मियों का एक दिन का वेतन काट दिया गया।स्वास्थ्य कर्मचारियों को प्रोत्साहन राशि दिया जाना था।उसमे भी अधिकारियों ने मनमानी की। महामारी को भी अधिकारियों ने अवसर मानकर कार्य किया। कर्मचारियों के सब्र का बांध टूट चुका है इसलिए महाआंदोलन करने का निर्णय लिया गया है।
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