सरगुजा टाइम्स |अम्बिकापुर:- बस्तर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर की निर्मम हत्या के बाद अम्बिकापुर के पत्रकारों में शोक और आक्रोश का माहौल है। जिले के पत्रकारों ने शनिवार को जयस्तंभ चौक में एकत्र होकर मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की और मुख्यमंत्री से हत्यारों को फांसी दिलाने की मांग की है। पत्रकारों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की अपील की।
पत्रकार मुकेश चंद्राकर 1 जनवरी की रात से लापता थे। उनकी अचानक हुई गुमशुदगी के बाद परिजनों और पत्रकारों में चिंता थी। 3 जनवरी को उनका शव बीजापुर जिले में एक ठेकेदार के कैंपस स्थित सेप्टिक टैंक से बरामद हुआ। यह खबर सामने आते ही पत्रकारों में आक्रोश फैल गया। मुकेश चंद्राकर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
सरगुजा में श्रद्धांजलि सभा, पत्रकारों ने जताया आक्रोश:
मुकेश चंद्राकर को श्रद्धांजलि देने के लिए शनिवार को सरगुजा जिला (अम्बिकापुर) के जयस्तंभ चौक में पत्रकारों ने एकत्र होकर मोमबत्तियां जलाकर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान पत्रकारों ने एक स्वर में हत्यारों को फांसी देने और ठेकेदार पर भी कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। इस घटना ने प्रदेश के पत्रकारों को झकझोर कर रख दिया है। सरगुजा के पत्रकारों ने सरकार से मांग की कि पत्रकारों की सुरक्षा के लिए कड़े कानून बनाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
पत्रकारों व सामाजिक कार्यकर्ताओं का प्रतिक्रिया::::
श्रद्धांजलि सभा में जिले के पत्रकार विनीत मिश्रा,राजकुमार सिंह,आकाश जायसवाल,मनीषा सिन्हा,राजकुमार जायसवाल,विजय सोनी,अवधेश, यशवंत पैकरा,दीपक मानिकपुरी,आशिफ व सामाजिक कार्यकर्ता सुजान बिंद एवं अंकुर सिन्हा मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि “मुकेश चंद्राकर की हत्या लोकतंत्र पर हमला है। जो पत्रकार सच के लिए लड़ता है, अगर उसे इस तरह की सजा मिलेगी तो यह समाज और लोकतंत्र दोनों के लिए खतरनाक संकेत है। प्रशासन को अपराधियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई करनी चाहिए।
प्रदेशभर के पत्रकारों में रोष, न्याय की लड़ाई जारी रहेगी
मुकेश चंद्राकर की हत्या को लेकर सिर्फ सरगुजा ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के पत्रकारों में आक्रोश है। अलग-अलग जिलों में पत्रकारों ने इस जघन्य हत्या की कड़ी निंदा की और सरकार से जल्द न्याय दिलाने की अपील की।