उज्ज्वला योजना फेल ! 70% ने की गैस सिलेंडर से तौबा, फिर चूल्हा फूंक रहीं गरीब ​महिलाएं, बुझ गई उज्ज्वला योजना? - SURGUJA TIMES
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उज्ज्वला योजना फेल ! 70% ने की गैस सिलेंडर से तौबा, फिर चूल्हा फूंक रहीं गरीब ​महिलाएं, बुझ गई उज्ज्वला योजना?

Ujjwala scheme failed! 70% people gave up gas cylinders, then poor women are burning the stove, Ujjwala scheme extinguished?

उज्ज्वला योजना फेल ! 70% ने की गैस सिलेंडर से तौबा, फिर चूल्हा फूंक रहीं गरीब ​महिलाएं, बुझ गई उज्ज्वला योजना?

Ujjwala scheme failed! 70% people gave up gas cylinders, then poor women are burning the stove, Ujjwala scheme extinguished?

रिपोर्टर महेंद्र सिंह लहरिया

शिवपुरी. गैस सिलेंडरों के दामों में बेतहाशा बढ़ोत्तरी का नतीजा यह है कि जिन महिलाओं ने गैस कनेक्शनों (एलपीजी कनेक्शन) से जिंदगी बदलने की आस लगाई थी, वे फिर चूल्हे पर खाना पकाने के लिए मजबूर हो चुकी हैं. गरीब महिलाओं को चूल्हे के धुएं से मुक्ति दिलाने के लिए मोदी सरकार (मोदी सरकार) उज्ज्वला योजना (प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना) लेकर आई थी. इस योजना के ज़रिये गरीब महिलाओं की आंखों में धुएं से बहने वाले आंसुओं को रोकने की कोशिश थी, लेकिन गैस सिलेंडर के लगातार बढ़ते दामों ने योजना के उद्देश्य पर पानी फेर दिया है.

Shivpuri. The result of the huge increase in the prices of gas cylinders is that the women who had hoped to change their lives through gas connections (LPG connections), have again been forced to cook food on the stove. To free poor women from stove smoke, Modi government had come up with Ujjwala Yojana (Pradhan Mantri Ujjwala Yojana). Through this scheme, an attempt was made to stop the tears flowing from the eyes of poor women due to smoke, but the continuously increasing prices of gas cylinders has ruined the purpose of the scheme.

उज्ज्वला योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को मुफ्त में गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए थे. बेतहाशा बढ़ती महंगाई के चलते गैस सिलेंडर के दाम कुछ ही सालों में दोगुने से ज्यादा हो चुके हैं. इस कारण गरीबों को सिलेंडर भराने में मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है. मध्य प्रदेश के मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, सतना, भिंड, बालाघाट, आदि। अंचल में ऐसे सैकड़ों लाभार्थी हैं, जो सिलेंडर को घर में रखे हैं पर चूल्हे पर खाना बना रहे हैं. उनका कहना है इस समय एक सिलेंडर के दाम करीब 1100 रुपये हो चुका है. हम 300 रुपये की दिहाड़ी मजदूरी करने वाले बच्चों का पेट पालें या गैस सिलेंडर भराएं?

Under the Ujjwala scheme, free gas connections were provided to the eligible beneficiaries. Due to skyrocketing inflation, the prices of gas cylinders have more than doubled in a few years. Due to this, the poor are facing difficulty in filling the cylinder. Morena, Gwalior, Shivpuri, Datia, Satna, Bhind, Balaghat, etc. of Madhya Pradesh. There are hundreds of such beneficiaries in the region, who have kept the cylinders at home but are cooking food on the stove. He says that currently the price of one cylinder is around Rs 1100. Should we feed children working as daily wages of Rs 300 or fill gas cylinders?

 

MAHENDRA SINGH LAHARIYA

“Designation” .Tehsil Reporter .From-GOPALPURA MORENA, MP-476001 .Whatsapp & Call +919039978991

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