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रायपुर

Ptrakar news: अम्बिकापुर के पत्रकारों ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सामने किया प्रदर्शन ।

द्वारा: SURGUJA TIMESप्रकाशित: 20 जून 2025दे देखा गया: 939 बार
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सरगुजा टाइम्स । अंबिकापुर,19 जून 2025 । छत्तीसगढ़ सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा मेडिकल कॉलेजों और उनसे जुड़े अस्पतालों में मीडिया के प्रवेश और रिपोर्टिंग पर रोक लगाने वाले आदेश के खिलाफ प्रदेशभर में पत्रकारों का विरोध तेज़ हो गया है। इसी क्रम म...

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सरगुजा टाइम्स । अंबिकापुर,19 जून 2025 । छत्तीसगढ़ सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा मेडिकल कॉलेजों और उनसे जुड़े अस्पतालों में मीडिया के प्रवेश और रिपोर्टिंग पर रोक लगाने वाले आदेश के खिलाफ प्रदेशभर में पत्रकारों का विरोध तेज़ हो गया है। इसी क्रम में गुरुवार को अंबिकापुर में पत्रकारों ने राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंहदेव चिकित्सा महाविद्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन कर सरकार के आदेश की प्रतियां जलाईं और डीन को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान पुलिस व्यवस्था चाक चौबंद की गई थी।


इस विरोध प्रदर्शन का आयोजन सरगुजा प्रेस क्लब के नेतृत्व में किया गया, प्रदर्शनकारी पत्रकारों ने इस आदेश को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला और पत्रकारिता पर पहरा बताते हुए इसे तुरंत रद्द करने की मांग की।
दरअसल,छत्तीसगढ़ के चिकित्सा शिक्षा विभाग ने हाल ही में एक विवादास्पद आदेश जारी किया था, जिसमें प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों और संबंधित अस्पतालों में मीडिया कर्मियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया था। आदेश के अनुसार,किसी भी समाचार को कवर करने से पहले पत्रकारों को अस्पताल प्रबंधन से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य बताया गया था।

दरअसल,छत्तीसगढ़ के चिकित्सा शिक्षा विभाग ने हाल ही में एक विवादास्पद आदेश जारी किया था, जिसमें प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों और संबंधित अस्पतालों में मीडिया कर्मियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया था। आदेश के अनुसार,किसी भी समाचार को कवर करने से पहले पत्रकारों को अस्पताल प्रबंधन से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य बताया गया था।

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इस आदेश के खिलाफ प्रदेशभर में विरोध शुरू हो गया,जिस पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने 18 जून को बयान जारी कर आदेश को रद्द करने की बात कही थी। हालांकि अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक लिखित आदेश जारी नहीं किया गया है, जिससे पत्रकारों में असंतोष बना हुआ है।

प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों ने कहा कि अस्पतालों में मीडिया की स्वतंत्र आवाज़ को दबाने की यह कोशिश जनता की जानकारी के अधिकार का उल्लंघन है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि जल्द ही आदेश को औपचारिक रूप से रद्द नहीं किया गया तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर मीडिया की स्वतंत्रता और सरकारी पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अस्पतालों में मीडिया के प्रवेश और रिपोर्टिंग पर रोक लगाने वाले आदेश के खिलाफ प्रदेशभर में पत्रकारों का विरोध तेज…

विरोध प्रदर्शन का आयोजन सरगुजा प्रेस क्लब के नेतृत्व में किया गया…

पत्रकारों ने इस आदेश को “लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला” और “पत्रकारिता पर पहरा” बताते हुए इसे तुरंत रद्द करने की मांग…

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