मप्र के मुरैना में खाद के कूपन की भी कालाबाजारी… मजबूर किसानों को 50 रुपये में बेच रहे दलाल
रिपोर्टर-महेंद्र सिंह लहरिया
रैना। जिले में यूरिया खाद के लिए किसानों की जद्दोजहद बढ़ती जा रही है। किसान पहले टोकन के लिए घण्टों तक लाइन में लग रहे हैं, फिर खाद के लिए कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते हैं। किसानों की इस मजबूरी को देख दलाल भी सक्रिय हो गए हैं, जो टोकन की कालाबाजारी कर रहे हैं। किसानों का एक टोकन 50 रुपये तक में बेचा जा रहा है। इस कालाबाजारी में टोकन वितरण से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं, इसमें कोई संदेह नहीं है।
शनिवार को इंटरनेट मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। यह वीडियो कृषि उपज मंडी परिसर में बने विपणन संघ के गोदाम के पास का है, जहां किसानाें को टोकन और खाद का वितरण हो रहा है। वीडियो में साफ दिख रहा है, कि बाइक पर बैठा युवक खाद के लिए टोकनों को ब्लेक में बेक रहा है। एक टोकन का 50 रुपये किसानों को मांग रहा है और कह रहा है, कि इन टोकन से बायपास पर खाद मिलेगा।
एक टोकन पर पांंच बोरे खाद की बात
एक टोकन पर पांच बोरे यूरिया खाद मिलने की बात वह युवक कह रहा है, जो टोकन की कालाबाजारी कर रहा है।
कुछ किसान हाथों में रुपये लेकर टोकन लेने के लिए खड़े नजर आ रहे हैं।
ऐसे में सवाल उठता है, कि किसानों को पांच-पांच घंटे लाइन में लगने के बाद भी टोकन नहीं मिल पा रहे
सवाल यह भी है कि कालाबाजारी करने वालों को टोकन कहां से मिल रहे हैं।
दूसरी ओर बाजार में भी खाद की कालाबाजारी की जा रही है।
जौरा रोड, मुड़ियाखेड़ा और बड़ोखर क्षेत्र में कई खाद-बीज की दुकानों पर यूरिया खाद का एक बोरा 350 रुपये में बेचा जा रहा है।
यूरिया खाद के एक बाेरे का सही मूल्य 270 रुपये है। यानी एक बोरे पर 80 रुपये तक की कालाबाजारी हो रही है।
किसान खुलकर कर रहे शिकायत





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