छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मच्छरदानी का वितरण किया जा रहा है ताकि बढ़ते फायलेरिया को कम किया जा सके। स्वास्थ्य विभाग से जारी दिशा-निर्देश के बाद गांव का सर्वे किया जा रहा है।
जहां फायलेरिया (हाथीपांव) की शिकायत ज्यादा है वहां फायलेरिया रोधक दवा का वितरण किया जा ता है।
फायलेरिया संक्रमण मच्छर के काटने से फैलेने वाला एक भयावह रोग है। प्रभावित व्यक्ति के शारीरिक अंगों में सूजन के पश्चात उपचार या ऑपरेशन सफल नहीं होता।
इसकी पहचान सूजन आने से होती है, अतः इससे बचाव ही इसका एकमात्र उपचार है ।
क्योंकि यह संक्रमण मच्छर से फैलता है, अतः मच्छरदानी का उपयोग करके ही इससे बचा जा सकता है।बचाव हेतु मच्छरदानी एवं फायलेरिया रोधक दवा का किया जा रहा वितरण

अंबिकापुर 19 फरवरी 2024/ शासन द्वारा प्रदेश को फायलेरिया मुक्त बनाने के लिए ग्रामों का सर्वे कर फाइलेरिया रोधी दवाएं और मच्छर दानी का वितरण किया जा रहा है। जिले में फ़ाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर श्री विलास भोस्कर के म...
अंबिकापुर 19 फरवरी 2024/ शासन द्वारा प्रदेश को फायलेरिया मुक्त बनाने के लिए ग्रामों का सर्वे कर फाइलेरिया रोधी दवाएं और मच्छर दानी का वितरण किया जा रहा है।
जिले में फ़ाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर श्री विलास भोस्कर के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार गांवों का सर्वे किया जा रहा है। लोगों को इस रोग से सुरक्षित रखने के लिए सामूहिक दवा सेवन कराया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक सर्वे में फायलेरिया से प्रभावित चार गांवों का चिन्हांकन किया गया है।
छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार गांव के सभी घरों में मच्छरदानी वितरण कर फायलेरिया रोधक दवा का सेवन कराया जा रहा हैं।
बता दें फ़ाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत केंद्र व राज्य स्तर पर वर्ष 2027 तक फ़ाइलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य रखा गया है।
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मच्छरदानी का वितरण किया जा रहा है ताकि बढ़ते फायलेरिया को कम किया जा सके। स्वास्थ्य विभाग से जारी दिशा-निर्देश के बाद गांव का सर्वे किया जा रहा है।
जहां फायलेरिया (हाथीपांव) की शिकायत ज्यादा है वहां फायलेरिया रोधक दवा का वितरण किया जा ता है।
फायलेरिया संक्रमण मच्छर के काटने से फैलेने वाला एक भयावह रोग है। प्रभावित व्यक्ति के शारीरिक अंगों में सूजन के पश्चात उपचार या ऑपरेशन सफल नहीं होता।
इसकी पहचान सूजन आने से होती है, अतः इससे बचाव ही इसका एकमात्र उपचार है ।
क्योंकि यह संक्रमण मच्छर से फैलता है, अतः मच्छरदानी का उपयोग करके ही इससे बचा जा सकता है।
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मच्छरदानी का वितरण किया जा रहा है ताकि बढ़ते फायलेरिया को कम किया जा सके। स्वास्थ्य विभाग से जारी दिशा-निर्देश के बाद गांव का सर्वे किया जा रहा है।
जहां फायलेरिया (हाथीपांव) की शिकायत ज्यादा है वहां फायलेरिया रोधक दवा का वितरण किया जा ता है।
फायलेरिया संक्रमण मच्छर के काटने से फैलेने वाला एक भयावह रोग है। प्रभावित व्यक्ति के शारीरिक अंगों में सूजन के पश्चात उपचार या ऑपरेशन सफल नहीं होता।
इसकी पहचान सूजन आने से होती है, अतः इससे बचाव ही इसका एकमात्र उपचार है ।
क्योंकि यह संक्रमण मच्छर से फैलता है, अतः मच्छरदानी का उपयोग करके ही इससे बचा जा सकता है।टैग्स (Tags):#Ambikapur News#Ambikapur News Today




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