सद्दाम खान- कुसमी
बलरामपुर जिले के रघुनाथनगर थाना क्षेत्र में रेत माफिया सक्रिय
बलरामपुर जिले में प्रशासन की मौन सहमति से NGT लागू होने के वावजूद भी रिजर्व फारेस्ट एरिया से रेत का अवैध उत्खनन कर भंडारण किया जा रहा है ,,रेत माफिया के गुर्गे ग्रामीणों को धमकी भी देते है जिससे ग्रामीण डरे हुए है ,,वहीं खनिज विभाग के अधिकारी विभाग में वाहन की ब्यवस्था नही होने का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ते हुए नजर आ रहे है ।
""प्रशासन की मौन सहमति से NGT के वावजूद भी रेत का उत्खनन""
आपको बता दे कि छत्तीसगढ़ में इन दिनों NGT लागू है और इस समय नदियों से रेत का उत्खनन पुर्णतः वर्जित है ताकि जलीय जीवजंतुयो को कोई नुकसान न पहुंच सके ,,,,,लेकिन बलरामपुर जिले में वाड्रफनगर विकासखंड के तोरफ़ा गांव से बहने वाली मोरन नदी जो कि सूरजपुर और बलरामपुर की सीमा को तय करती है और यह क्षेत्र रिजर्व फारेस्ट के अंतर्गत आता है जहाँ पर कानून के मुताबिक एक पत्ता भी तोड़ना अपराध की श्रेडी में आता है ,,,वावजूद इसके जिले के फारेस्ट, पुलिस और जिला प्रशासन की मौन सहमति से रेत माफिया इन दिनों नदी से ट्रेक्टर के माध्यम से रेत का अवैध उत्खनन करवा कर गांव में ही उसका भंडारण करवा रहा है ,,
""ग्रामीणों को जान से मारने की दी जाती है धमकी""

लेकिन गांव के ग्रामीण जब रेत उत्खनन का विरोध करते है तो रेत माफिया के गुर्गों द्वारा जान से मारने की धमकी भी दी जाती है जिससे ग्रामीण भी डरे हुए है ,,,गांव के सरपंच ने बताया है कि रेत माफिया प्रशासन की सह पर मनमानी कर रहा है और सभी नियमों को ताक पर रखते हुए रेत का अवैध भंडारण कर रहा है लेकिन उसपर अभी तक कोई कार्यवाही नही हो सकी है ,,,पुलिस मौके पर आने के बाद रेत माफिया का ही पक्ष लेती है ।







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