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सरगुजा संभाग

Ambikapur News: शिकायत के बाद जागा बिजली विभाग! सरगवा सब स्टेशन में पहली बार दिखे 50 से अधिक कर्मचारी, युद्धस्तर पर शुरू हुआ मेंटेनेंस

द्वारा: SURGUJA TIMESप्रकाशित: 16 जुलाई 2026दे देखा गया: 17 बार
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एक सप्ताह के अल्टीमेटम का असर? AE और JE खुद पहुंचे मैदान में, वर्षों से उठ रहे सवाल फिर हुए ज़िंदा

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अंबिकापुर/सरगुजा, 16 जुलाई 2026।
सरगवा सब स्टेशन की बदहाल बिजली व्यवस्था को लेकर लगातार उठ रही शिकायतों के बाद आखिरकार बिजली विभाग हरकत में आता दिखाई दिया। 9 जुलाई 2026 को विभाग के विरुद्ध गंभीर शिकायत दर्ज कराते हुए एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया गया था। इसके ठीक बाद 16 जुलाई 2026 को सरगवा सब स्टेशन एवं संबंधित फीडरों में बड़े स्तर पर मेंटेनेंस अभियान चलाया गया।

स्थानीय लोगों के अनुसार, पहली बार 50 से अधिक कर्मचारी एक साथ सब स्टेशन और विभिन्न फीडरों में मेंटेनेंस कार्य करते दिखाई दिए। इस दौरान सहायक अभियंता (AE) राजेश जायसवाल एवं कनिष्ठ अभियंता (JE) सुनील लकड़ा भी मौके पर मौजूद रहकर कार्य की निगरानी करते नजर आए।

सबसे बड़ा सवाल—क्या शिकायत के बिना नहीं होता मेंटेनेंस?

ग्रामीणों का कहना है कि यदि विभाग के पास इतनी बड़ी टीम और संसाधन पहले से उपलब्ध थे, तो नियमित मेंटेनेंस समय-समय पर क्यों नहीं किया गया? आखिर शिकायत और अल्टीमेटम मिलने के बाद ही विभाग को अचानक इतनी सक्रियता क्यों दिखानी पड़ी?

लंबे समय से ग्रामीणों को मामूली बारिश, तेज हवा या पेड़ों की डालियां तारों से छूने जैसी छोटी-छोटी वजहों से घंटों बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा था। कई बार बिना किसी स्पष्ट कारण के भी बिजली आपूर्ति बाधित रहती थी, जिससे आम जनता को भारी परेशानी उठानी पड़ती थी।
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ग्रामीणों का आरोप—ग्रामीण क्षेत्र की लगातार होती रही अनदेखी

ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग ने लंबे समय तक उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया। उनका कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है मानो ग्रामीण क्षेत्रों की परेशानियां विभाग की प्राथमिकता ही नहीं थीं। यदि नियमित रखरखाव होता, तो बार-बार होने वाली बिजली कटौती और लोगों की परेशानी काफी हद तक रोकी जा सकती थी।

अब सबकी निगाहें विभाग पर

मेंटेनेंस अभियान शुरू होना निश्चित रूप से सकारात्मक कदम है, लेकिन अब सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि क्या यह कार्रवाई केवल शिकायत के दबाव तक सीमित रहेगी, या आगे भी नियमित और समयबद्ध मेंटेनेंस किया जाएगा?

ग्रामीणों ने मांग की है कि बिजली विभाग केवल शिकायतों के बाद सक्रिय होने के बजाय नियमित निरीक्षण, समय पर मेंटेनेंस और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करे, ताकि भविष्य में लोगों को बार-बार ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े.
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