बलरामपुर/कुसमी । विशेष रिपोर्ट
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक प्रशासनिक अधिकारी की कार्यप्रणाली ने पूरे प्रदेश को स्तब्ध कर दिया है। कुसमी के विवादित एसडीएम करुण डहरिया और उनके तीन साथियों को एक 62 वर्षीय आदिवासी किसान की पीट-पीटकर हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। मंगलवार देर शाम भारी पुलिस बल की मौजूदगी में आरोपियों को राजपुर न्यायालय में पेश किया गया।
घटनाक्रम: क्या हुआ था 15 फरवरी की रात?
मामला कुसमी कोरंधा थाना क्षेत्र के ग्राम हंसपुर का है। ग्रामीणों के अनुसार, 15 फरवरी की रात उन्होंने जंगल में अवैध बॉक्साइट से लदे एक ट्रक को पकड़ा था। इसकी सूचना मिलने पर कुसमी एसडीएम करुण डहरिया मौके पर पहुंचे। हैरान करने वाली बात यह थी कि एसडीएम के साथ कोई पुलिस बल या आधिकारिक टीम नहीं थी, बल्कि वे विक्की सिंह उर्फ अजय प्रताप सिंह, मंजीत कुमार यादव और सुदीप यादव नामक स्थानीय युवकों के साथ वहां पहुंचे थे।
ग्रामीण की मौत और आरोपों का अंबार
ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध उत्खनन रोकने के नाम पर एसडीएम और उनके साथ आए युवकों ने वहां मौजूद ग्रामीणों के साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट शुरू कर दी। इस मारपीट में हंसपुर निवासी राम उर्फ रामनरेश (62 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। शुरुआती जांच और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर पुलिस ने पाया कि एसडीएम की नाजायज टीम ने बिना किसी वारंट या सुरक्षा प्रोटोकॉल के ग्रामीणों पर हमला किया था।

कानूनी कार्रवाई: बीएनएस की गंभीर धाराओं में केस दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कोरंधा थाने में मर्ग कायम करने के बाद आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है:
- धारा 103 (1): हत्या का मामला।
- धारा 115 (2): जानबूझकर चोट पहुँचाना।
धारा 3 (5): सामूहिक रूप से अपराध को अंजाम देना।
क्यों हुई वारदात
सूत्र बतातें हैं कि एसडीएम को नाजायज धन का लालच बढ़ गया था, और जिन चोरों को माल लेकर रात के अँधेरे में खनिज संपदा पार कराने का जिम्मा स्वयं SDM लिए थे उसे कुछ ग्रामीणों द्वारा रोक लिया गया था, इसलिए उसके कमीशन में बट्टा लगने वाला था, बड़ीं मुश्किल से SDM डहेरिया सबको मैनेज कर पाया था इसलिए अपना आपा खो गया बस क्या था अपने गाड़ी में रखा डंडा/रॉड जो मिला खुद व उसके पालतू गुर्गे पीटना चालू कर दिए, इतने से जी नहीं भरा तो मृतक और घायल को अस्पताल नहीं थाने तक पहुंचाने खुद चले गए पर पुलिस ने अपनी सूझबूझ से SDM व उसके साथियों को जेल तक पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
FIR में नायब तहसीलदार का नाम गायब!......
नायब तहसीलदार पारस शर्मा कुनकुरी के रहने वाले हैं और हाल ही में CGPSC में चयन भी हुआ है, लोगों का आरोप है कि उक्त हत्या काण्ड के समय पारस भी मौजूद थे पर मुख्यमंत्री के गृह जिले की वजह से मिस्टर इंडिया बन गए, यही विषय लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

SDM के बिगड़े रवैये का कारण राजनैतिक संरक्षण





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