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सरगुजा संभाग

45 करोड़ की लागत से बन रहे पुल, जशपुर सीमा तक कार्य धीमी.. मूसलाधार बारिश के कारण आवागमन बाधित, किसानों की खेती भी प्रभावित..

द्वारा: SADDAM KHANप्रकाशित: 2 अगस्त 2023दे देखा गया: 242 बार
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सद्दाम खान/कुसमी आख़िर जिम्मेदार कौन, किसानों ने कहा हमारी खेती प्रभावित हुई है, उसका हमे मुआवजा दे विभाग व ठेकेदार.. सोमवार देर रात से कुसमी में मूसलाधार बारिश का कहर जारी है,  बारिश से अनेक बांधों में पानी लबालब भर चूका हैं। लगातार बारिश...

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सद्दाम खान/कुसमी

आख़िर जिम्मेदार कौन, किसानों ने कहा हमारी खेती प्रभावित हुई है, उसका हमे मुआवजा दे विभाग व ठेकेदार..

सोमवार देर रात से कुसमी में मूसलाधार बारिश का कहर जारी है,  बारिश से अनेक बांधों में पानी लबालब भर चूका हैं।

लगातार बारिश की वज़ह से नदी-नाले उफान पर हैं। अनेक रास्तों से यातायात ठप्प है। कुसमी से जशपुर मुख्यमार्ग पर स्थित गलफुल्ल नदी में निर्मित पुलिया बारिश की वजह से पहाड़ो व नालो से उतरे अत्यधिक पानी में डूब गया इससे घंटो आवागमन बाधित रहा।  जानकारी के अनुसार हर वर्ष यहां बरसात में तेज बारिश होने पर पुलिया पानी में डूब जाता हैं और घंटो अवगमान बाधित होता हैं, बड़े और ऊंचे पुल की आवश्यकता हैं, जिसमे भविष्य में लोगों को निजात मिला सकेगा।

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नदी सीमा रेखा से लगे होने के कारण कई गावों के नाले भी उफान पर हैं। बाढ़ का पानी खेतों में घुसने के कारण किसानों का भी काफी नुकसान हुआ है। कुसमी नगर सहित आस - पास के कई गाँव में ग्रामीण लगातार मूसलाधार बारिश के कारण प्रभावित हैं,  प्रभावित होने वालों ग्रामीण इसकी सूचना शासन - प्रशासन तक एक - दूसरे से माध्यम से पंहुचा रहें हैं।

जानकरी के अनुसार करीब 45 करोड़ की लागत से कुसमी से जशपुर रोड़ पर 16 किलोमीटर सड़क निर्माण का कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा ठेकेदार के माध्यम से कराया जा रहा हैं, इस बिच ग्राम पंचायत नीलकण्ठपुर में निर्माणाधीन पुलिया के पास अत्यधिक मिट्टी मुरुम भर दिए जाने की वजह से बारिश का पानी एकत्र हों गया। जहाँ यात्री बस, राहगीरों, छोटे बड़े वाहन सहित स्कूली छात्र - छात्राओं को आने - जाने में कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा हैं। अव्यवस्था के बिच भरी बरसात में पुलिया का निर्माण कार्य किए जाने से इस रास्ते से रोजाना गुजरने वाले लोगों को काफी परेशानिया उठानी पड़ रहीं है। हालंकि सत्ता पक्ष हों या विपक्ष किसी की इसकी चिंता नहीं हैं सभी जनप्रतिनिधियों के मौन साधे रहने की वजह से ठेकेदार एवम विभाग के अधिकारी इस ओर सुध लेने नहीं पहुंच रहें हैं।
उनके हौसले और भी बुलंद है,  इस ओर संज्ञान लेने की जरुरत हैं।

साथ इस स्थान पर पानी की निकासी नहीं होने की वजह से किसानो को खेती में भी बाधा उत्पन्न हों रहीं हैं।
वही हमारे संवाददाता सद्दाम खान ने ग्राउंड जीरो पर पहुँच कर नीलकण्ठपुर के ग्रामीणों से बात-चीत जहाँ कई किसानों की खेती प्रभावित हुई है।

उमेश पैकरा किसान- का कहना है कि बन रहे पूलिया निर्माण को लेकर हम ठेकेदार मुंसी को काम जल्द करने को कहते थे, लेकिन काम धीमी-गति होने के वजह से आज हमारी खेती बर्बाद हुई है, 2-4 दिन पहले ही रोपा हम किये थे, काभी नुकसान हो गया है। हमारा फसल बर्बाद हुआ है, जिमेदार हम विभाग के लोगों को व ठेकेदार को मानते है, हमारा जो नुकसान हुआ है उसका भरपाई करे।
कांग्रेस नेता दीपक बुनकर - ने कहा कि ठेकेदार की लापरवाही व बहुत ही धीमी गति से कार्य कराया जा रहा है। जो आज आमजन को ग्रमीणों को स्कूल बच्चे को किसान को आवागमन ठप्प हो जाने से बहुत दिक्कतो का सामना करना पड़ रहा है, साथ ही किसानों की जो कई एकड़ में जो फसल बर्बाद हुई है। उसे मुआवजा मिलना चाहिए, अगर ठेकेदार व विभाग की इसी तरह काम लापरवाही चलता रहा तो हम जन-आंदोलन करने के लिए सभी ग्रामीण बाध्य होंगे।

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