सरगुजा टाइम्स । अम्बिकापुर। व्यापारी महासंघ के अंबिकापुर बंद के आह्वान को व्यापारियों का जबरदस्त समर्थन मिला। व्यापारी महासंघ ने वस्तु एवं सेवा कर GST विभाग पर मनमानी और अवैध वसूली का आरोप लगाकर अंबिकापुर बंद का आह्वान किया था। इसका असर यह हुआ कि सुबह से ही शहर की छोटी-बड़ी व्यवसायिक प्रतिष्ठानें बंद रही।
GST विभाग द्वारा मनमानापूर्वक की जाने वाली कार्रवाई की प्रथा को बंद करने की मांग का शहर के सभी व्यवसायियों ने समर्थन किया। बिना किसी दबाब के स्वस्फूर्त व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को बंद रखकर व्यापारियों ने एकजुटता का प्रदर्शन किया। अग्रसेन भवन से व्यापारियों ने रैली भी निकाली। यह रैली शहर के प्रमुख व्यवसायिक मार्गों से होकर गुजरी। इस दौरान व्यापारियों ने जीएसटी विभाग के विरुद्ध जमकर नारेबाजी भी की। शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए व्यापारियों की रैली घड़ी चौक पहुंची। यहां तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन सौंपा गया।
व्यापारियों ने कहा कि जीएसटी के सर्वे और जांच का विरोध नहीं है। यह विरोध जीएसटी विभाग की स्वेच्छाचारिता के विरुद्ध है। विभाग, व्यापारियों को गलत साबित करने में लगा हुआ है। इस पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए।
व्यापारी महासंघ के बैनर तले एकजुट व्यापारियों ने मुख्यमंत्री को प्रेषित ज्ञापन में कहा है कि वे सभी जीएसटी विभाग के अधिकारी, कर्मचारियों की कार्यशैली से प्रताड़ित हैं। जीएसटी की प्रक्रिया काफी जटिल है जिसका अनुचित लाभ उठाकर विभागीय अधिकारी व्यापारियों के साथ चोरों जैसा अपराधिक व्यवहार करते हैं। हम व्यापारी राजकोषीय कोष में अहम योगदान देते हैं। फिर भी हमारे साथ नाइंसाफी की जाती हैं। छोटी से छोटी त्रुटि पर ब्लैकमेल की स्थिति निर्मित कर उगाही की जाती है। अनर्गल आरोप लगाए जाते हैं। समाज में बदनामी की जाती है, वास्तविकता यह है कि हम लोग सरकार के साथ सहयोग की भावना रखते है।






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