सुरेश गाईन|सरगुजा टाइम्स |अम्बिकापुर 06 जून 2025/ शालाओं और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के संबंध में शुक्रवार को जिला कलेक्टरेट सभाकक्ष में प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। इस दौरान कलेक्टर श्री विलास भोसकर ने बताया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के दिशा निर्देशों के अनरूप शिक्षकों और शालाओं का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है। जिले में युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ पूर्ण कर ली गई है। शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शालाओं और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है।ऐसे विद्यालय जिसमें अधिक शिक्षक कार्यरत हैं, उन विद्यालयों में कम शिक्षक वाले विद्यालयों में शिक्षकों का समायोजन किए जाने से सभी विद्यालयों में शामिल समानुपातिक शिक्षकों की व्यवस्था होगी।
जिला पंचायत सीईओ श्री विनय कुमार अग्रवाल ने बताया कि जिले में युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया में 3 एवं 4 जून को मल्टीपर्पज विद्यालय के कैम्पस में पारदर्शी तरीके से शिक्षकों को विद्यालय चुनने का अवसर प्रदान किया गया। शिक्षकों ने अपने मनचाहे स्कूलों का चयन किया एवं सम्पूर्ण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने हेतु इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई है।
सरगुजा जिले में 3 जून को प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों की काउंसलिंग की गई जिसमें 302 शिक्षकों को एकल शिक्षकीय एवं शिक्षक विहीन विद्यालयों में समायोजित किया गया। वहीं 4 जून को पूर्व माध्यमिक शाला, हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल के 146 शिक्षक एवं व्याख्याताओं का समायोजन किया गया। जिले के कई ऐसे हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल जहां लम्बे समय से भौतिकी, रसायन, गणित, अंग्रेजी, जीवविज्ञान के शिक्षक नहीं थे वहां शिक्षकों के समायोजन से जिले की शैक्षणिक व्यवस्था मजबूत होगी। इन स्कूलों में हाई स्कूल कटिंदा, सहनपुर, सरभंजा, खड़गांव, फुलचुही, फतेहपुर, बटवाही, डांड़केसरा शामिल है।संभाग के सबसे बड़े स्कूल मल्टीपर्पज अम्बिकापुर जहां लगभग 1800 दर्ज संख्या है में कुल 7 व्याख्याताओं को समायोजित किया गया। उन्होंने आगे बताया कि हमारे जिले में 14 प्राथमिक शालाएं शिक्षक विहीन एवं 224 शालाएं एकल शिक्षकीय हैं, इन विद्यालयों में काउंसलिंग के माध्यम से शिक्षकों की आपूर्ति कर ली गयी है। प्राथमिक स्कूलों में 302 शिक्षक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में 36 शिक्षकों की आवश्यकता थी जिन्हें समायोजन से पूर्ण कर लिया गया है। प्राथमिक शालाओं में 139 एवं पूर्व माध्यमिक शालाओं में 287 शिक्षक अतिशेष हैं, जिन्हें क्रमशः काउंसिलिंग के माध्यम से समायोजित किया जाएगा।





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