सद्दाम खान/कुसमी
मणिपुर बचाओ देश बचाओ के लगे नारे।
मानवता को शर्मसार करने वाली मणिपुर की घटना की आग पूरे देश में फैली हुई है पूरे देश में इसका पुरजोर विरोध किया जा रहा है जिसकी कुछ सीटें छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ तहसील में भी देखने...
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सद्दाम खान/कुसमी
मणिपुर बचाओ देश बचाओ के लगे नारे।
मानवता को शर्मसार करने वाली मणिपुर की घटना की आग पूरे देश में फैली हुई है पूरे देश में इसका पुरजोर विरोध किया जा रहा है जिसकी कुछ सीटें छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ तहसील में भी देखने को मिली..
जहां आदिवासी एकता महासभा एवं सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष सबन उरांव व आदिवासी समाज के मुखिया राजेन्द्र भगत कुसमी के नेतृत्व में शंकरगढ़ में जातीय हिंसा पर रोक लगाओ,मणिपुर बचाओ देश बचाओ के नारे लगे जिसमें आदिवासी समाज के महिला एवं पुरुष भारी संख्या में एकत्रित होकर न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं दंडाधिकारी शंकरगढ़ के कार्यालय में महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
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जिसमें बताया कि मणिपुर से आदिवासी महिलाओं के साथ ह्रदय विदारक घटना सामने आई है, जिसमें आदिवासी महिलाओं को निर्वस्त्र करने की घटना से पूरा देश शर्मशार है।
आदिवासियों को अपमानित किया गया है, मणिपुर में आदिवासियों पर बड़े पैमाने पर अत्याचार किए जा रहे हैं, उनकी बस्ती में आग लगाई जा रही है इस घटना के बहन – बेटियों के साथ देश के संपूर्ण समाज का अपमान है सभी दोषी लोगों को फांसी की सजा दी जाए साथ ही सर्व आदिवासी समाज द्वारा समान- नागरिक संहिता लागू करने का भी पुरजोर विरोध किया गया बताया गया कि समान नागरिक संहिता लागू होने पर हम आदिवासियों को मिली अलग -अलग पहचान समाप्त हो जाएगी अनेकता में ही विविधता यही हम आदिवासियों की पहचान है ,आज हम आदिवासियों की जल- जंगल और जमीन को छीना जा रहा है यह एक साजिश है जिसमें आदिवासियों का रूढ़ी प्रथा ,पृथक संवैधानिक पहचान एवं तमाम तरह के संवैधानिक अधिकार खत्म हो जाएंगे, ज्ञापन में सरगुजा संभाग में विधानसभा की 4 सीटों पर गलत परिसीमन पर अंबिकापुर, प्रेम नगर, भटगांव और मनेंद्रगढ़ विधानसभा की सीट सामान्य वर्ग के खाते में कर दिया गया है, जबकि 2003 के विधानसभा चुनाव में ये सीट आदिवासियों की आरक्षित थी जिसमें सही विवेचना कर पुनः आदिवासियों की आरक्षित की भी मांग की गई जिससे आदिवासी वर्ग के हित की बात एक आदिवासी उठा सके l लागुड़ किसान की प्रतिमा स्थापित किया जाए, ये प्रमुख मांग आदिवासी समाज द्वारा किया गया। जानकारी हेतु बता दें कि दिनांक 28 /07/2023 को भी सर्व आदिवासी समाज राजपुर के अध्यक्ष पारसनाथ आयाम के नेतृत्व में समान नागरिक संहिता के विरोध में महामहिम राष्ट्रपति को अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के माध्यम से विरोध के पक्ष में ज्ञापन सौंपा गया था। शंकरगढ़ एवं राजपुर के इस कार्यक्रम में संयुक्त रूप से आदिवासी समाज के जिला संरक्षक राजेंद्र उराव, फूलचंद्र, राजेंद्र कलम,राजेश , साहेब राम, मिटकू भगत , गुड़माल भगत ,ज्ञानेश्वर पैकरा ,उदय कुमार ,श्रीमती ज्योति बड़ा, रामकली भगत, विजय सिंह ,रवि मरावी, आनंद मसीह,बीरबल , ललित भगत मुन्ना टोप्पो एवं भारी संख्या में आदिवासी समाज के महिला- पुरुष उपस्थित रहे।
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