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Malkangiri Hinsa : भीषण हिंसा से तबाह हुए सैकड़ों घर, खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर सैकड़ों परिवार

द्वारा: SURGUJA TIMESप्रकाशित: 5 जनवरी 2026दे देखा गया: 381 बार
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Malkangiri Hinsa : भीषण हिंसा से तबाह हुए सैकड़ों घर, खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर सैकड़ों परिवार

Malkangiri Hinsa : सरगुजा से राहत टीम द्वारा किए गए स्थलीय निरीक्षण में हालात अत्यंत दर्दनाक और भयावह पाए गए। पीड़ित परिवारों ने बताया कि उनके घरों को पूरी तरह आग के हवाले कर दिया गया। कई स्थानों पर हाथ गोले (बम) के प्रयोग से मकानों को गंभीर क्षत...

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Malkangiri Hinsa : सरगुजा से राहत टीम द्वारा किए गए स्थलीय निरीक्षण में हालात अत्यंत दर्दनाक और भयावह पाए गए।

पीड़ित परिवारों ने बताया कि उनके घरों को पूरी तरह आग के हवाले कर दिया गया। कई स्थानों पर हाथ गोले (बम) के प्रयोग से मकानों को गंभीर क्षति पहुँची है, जिससे पूरा क्षेत्र खंडहर में तब्दील हो चुका है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार 200 से अधिक घर पूरी तरह जलकर नष्ट हो चुके हैं।

पीड़ितों का कहना है कि इस भयावह घटना के बाद उनकी स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है।
वर्तमान में उनके पास

  • न खाने के लिए पर्याप्त भोजन है,
  • न रहने के लिए सुरक्षित आवास,
  • और न ही पहनने के लिए पर्याप्त कपड़े।

कड़ाके की ठंड के बीच महिलाएँ, बच्चे और बुजुर्ग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं, जिससे उनका जीवन और स्वास्थ्य गंभीर खतरे में है।

प्रशासनिक विफलता के गंभीर आरोप

राहत टीम और स्थानीय पीड़ितों ने आरोप लगाया कि

  • अब तक शासन-प्रशासन की ओर से कोई ठोस राहत सहायता नहीं पहुँची है,
  • पुलिस प्रशासन द्वारा किसी भी प्रकार की प्रभावी सुरक्षा या सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई,
  • तथा जब कथित रूप से आदिवासी उग्रवादी एवं हिंसक तत्वों द्वारा घरों को आग के हवाले किया जा रहा था, उस समय सुरक्षा बल और पुलिस प्रशासन मौके पर मौजूद रहते हुए भी हिंसा रोकने में विफल रहे।

पीड़ितों का कहना है कि उस दौरान सुरक्षा बलों और पुलिस प्रशासन ने जलते घरों को खड़े होकर देखा, लेकिन किसी भी प्रकार की तत्काल कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण हिंसा और अधिक फैल गई।

राष्ट्रीय मीडिया और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर सवाल

स्थानीय लोगों ने गहरी चिंता जताई कि इतनी गंभीर और मानवीय त्रासदी के बावजूद इस घटना को राष्ट्रीय मीडिया में अपेक्षित स्थान नहीं मिला और अब तक किसी भी जनप्रतिनिधि ने मौके पर पहुँचकर स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन नहीं किया है।

मानवता की मिसाल बनी राहत पहल

हालाँकि, इस कठिन समय में देश के विभिन्न हिस्सों से बंगाली परिवारों और समुदाय के लोगों ने आगे आकर पीड़ितों की सहायता की, जिससे प्रभावित परिवारों को कुछ राहत और संबल मिला।

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सरगुजा से पहुँची राहत टीम ने अपनी ओर से पीड़ित परिवारों को

  • राहत सामग्री,
  • साड़ियाँ,
  • गर्म कपड़े,
  • कंबल
  • एवं नगद सहायता प्रदान की,
    साथ ही उनके साथ खड़े होकर उन्हें मानसिक और सामाजिक रूप से हौसला दिया।

निष्पक्ष जांच और पुनर्वास की माँग

राहत टीम ने शासन-प्रशासन से

  • इस पूरे मामले की तत्काल निष्पक्ष जांच,
  • दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई,
  • तथा पीड़ित परिवारों के लिए स्थायी पुनर्वास एवं विशेष राहत पैकेज की माँग की है।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री से भी आग्रह किया गया है कि वे इस गंभीर मानवीय संकट में व्यक्तिगत रुचि लेते हुए पीड़ित परिवारों के सहयोग के लिए आवश्यक निर्देश जारी करें।

जनता से अपील

राहत टीम ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे इस कठिन समय में आगे आकर पीड़ित परिवारों की हरसंभव मदद करें।

यह पहल किसी एक समुदाय की नहीं, बल्कि मानवता, संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रश्न है।

इस घटना का वीडियो आप यहाँ देख सकते है। .......

https://www.instagram.com/reel/DTIUyZzjE3V/?igsh=MWk0dTY0ZXY0eTFraQ==


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